Mutual Fund SIP: आज के समय में हर कोई चाहता है कि आने वाले 10 साल में उसके पास इतना बड़ा फंड हो कि पैसों की टेंशन ही खत्म हो जाए। म्यूचुअल फंड SIP ऐसा ही एक तरीका है, जिसके जरिए आम आदमी भी धीरे-धीरे करोड़पति बन सकता है। इस आर्टिकल में हम बहुत ही आसान भाषा में समझेंगे कि अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹39,000 की SIP करता है और उसे औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 10 साल में 1 करोड़ रुपए का सपना कैसे पूरा हो सकता है।
Mutual Fund SIP क्या होती है और यह कैसे काम करती है
म्यूचुअल फंड SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान एक ऐसा तरीका है जिसमें आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं। इसमें आपको एक साथ बड़ा पैसा लगाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि छोटी-छोटी रकम से बड़ा फंड तैयार किया जाता है। SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें कंपाउंडिंग का असर देखने को मिलता है, यानी आपका पैसा समय के साथ खुद ही तेजी से बढ़ने लगता है। जो लोग ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, उनके लिए भी SIP समझना और शुरू करना बहुत आसान है, क्योंकि इसमें बस हर महीने पैसा कटता रहता है और निवेश अपने आप होता रहता है।
10 साल में 1 करोड़ का सपना क्यों है मुमकिन
बहुत से लोगों को लगता है कि 1 करोड़ रुपए सिर्फ अमीर लोग ही बना सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। अगर आपके पास सही प्लानिंग है और आप लंबे समय तक निवेश करते हैं, तो यह सपना पूरा हो सकता है। SIP में सबसे जरूरी चीज समय और धैर्य है। जितना लंबा समय आप निवेश को देंगे, उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा। 10 साल का समय SIP के लिए काफी अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दौरान बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम हो जाता है और औसतन अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
₹39,000 की SIP से 10 साल में कैसे बनेगा 1 करोड़ का फंड
अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹39,000 की SIP करता है और उसे औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 10 साल यानी 120 महीनों में उसका निवेश धीरे-धीरे बढ़ता चला जाता है। इस पूरे समय में कुल निवेश राशि लगभग ₹46.80 लाख होती है, लेकिन कंपाउंडिंग की ताकत की वजह से इस पर मिलने वाला रिटर्न काफी ज्यादा होता है। 15% सालाना ब्याज दर के हिसाब से देखा जाए, तो 10 साल बाद यह निवेश बढ़कर लगभग 1 करोड़ रुपए के आसपास पहुंच सकता है। यह पैसा एक साथ नहीं बल्कि धीरे-धीरे बनता है, इसलिए इसमें घबराने या बीच में निवेश रोकने की जरूरत नहीं होती।
SIP शुरू करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें
SIP शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि यह एक लंबी अवधि का निवेश है। इसमें बीच-बीच में बाजार गिर भी सकता है, लेकिन ऐसे समय में घबराकर SIP बंद करना सही नहीं होता। अगर आप नियमित रूप से निवेश करते रहेंगे, तो बाजार की गिरावट भी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि उस समय आपको कम दाम पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। इसके अलावा, हमेशा अपनी आय और खर्च को देखकर ही SIP की रकम तय करें, ताकि हर महीने ₹39,000 की SIP करना आपके लिए बोझ न बन जाए।
SIP से जुड़े फायदे जो इसे खास बनाते हैं
SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपको निवेश की आदत डालता है। हर महीने तय तारीख को पैसा कटने से धीरे-धीरे बचत अपने आप होने लगती है। इसके अलावा, SIP में आपको बाजार का टाइमिंग करने की जरूरत नहीं होती, यानी कब निवेश करना है और कब नहीं, इसकी टेंशन खत्म हो जाती है। लंबे समय में SIP महंगाई को भी मात देने में मदद करती है, जिससे आपके पैसों की असली कीमत बनी रहती है।
आम आदमी के लिए SIP क्यों है सही विकल्प
जो लोग नौकरी करते हैं या छोटा-मोटा काम करते हैं, उनके लिए SIP एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें न तो ज्यादा जानकारी की जरूरत होती है और न ही रोज-रोज बाजार देखने की। बस एक बार सही म्यूचुअल फंड चुनकर SIP शुरू कर दीजिए और फिर समय को अपना काम करने दीजिए। 10 साल बाद जब आपका फंड 1 करोड़ के आसपास पहुंचेगा, तब आपको एहसास होगा कि छोटी-छोटी बचत ने कितना बड़ा कमाल कर दिखाया।
डिस्क्लेमर:
यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।